भारत ने किया बड़ा कदम, कहा-अमेरिका को उन्होंने दी अगस्त 2025 से अस्थायी Postal Services सेवाएँ. भारत ने कहा कि इस एक्शन से हम अमेरिका के हाल ही में लागू के ट्रंप प्रशासन के टैरिफ निर्णयों की स्थिति का विरोध कर रहे हैं। दोनों के बीच business और cooperation में गहरा असर हो सकता है है।

ट्रंप के टैरिफ फैसले और भारत की प्रतिक्रिया
कथित रूप से, अमेरिका की वर्तमान प्रशासन ने भारत समेत कई देशों के व्यापारियों से आने वाले सामान पर फैलाया जाने वाले उच्च आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। इसलिए, भारतीय उद्यमियों, विशेष रूप से छोटे उद्यमियों और ई-कॉमर्स समाज नुकसान उठा रहे हैं। भारत सरकार ने इसे अवैध व्यापारिक नीति के रूप में मानते हुए इसका विरोध किया। जैसे ही यह हो गया, चरणवाली प्राथमिक सीधी सेवाओं को रोकना युद्धनीतिक कदम कहलाता है।
डाक सेवाओं के निलंबन का असर
भारत से हर साल बड़ी संख्या में पार्सल, व्यावसायिक दस्तावेज़ और व्यक्तिगत पत्र अमेरिका भेजे जाते हैं। इस फैसले से—
- ऑनलाइन कारोबार (E-commerce) करने वाले व्यापारी प्रभावित होंगे।
- अमेरिका में बसे भारतीय परिवारों को जरूरी सामान और दस्तावेज़ भेजने में कठिनाई होगी।
- शिक्षा और शोध से जुड़े दस्तावेज़ समय पर न पहुँचने से छात्रों को परेशानी होगी।
क्या है सरकार का इरादा?
भारत सरकार का कहना है कि यह कदम स्थायी नहीं है बल्कि नीतिगत दबाव बनाने के लिए उठाया गया अस्थायी कदम है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका टैरिफ निर्णयों में बदलाव करता है तो भारत डाक सेवाएँ दोबारा बहाल कर सकता है।





