बात 3 सितंबर 2025 की है, जब सुबह-सुबह दुनिया भर में ChatGPT यूजर्स का मूड खराब हो गया। भाई, ये वही ChatGPT है जो तुझे होमवर्क, कोडिंग, या कोई भी सवाल का जवाब चट से दे देता है। लेकिन उस दिन, सुबह 1:30 बजे IST से शुरू करके, ये बाबूजी जवाब देना भूल गया! भारत, अमेरिका, यूरोप – हर जगह लोग परेशान। कोई बोला, “अरे, मेरा चैट गायब!” तो कोई चिल्लाया, “ये तो ‘Something went wrong’ दिखा रहा है!” डाउनडिटेक्टर पे तो शिकायतों की बाढ़ आ गई – भारत में 500+ और ग्लोबल लेवल पे हजारों।
क्या हुआ था भाई?
OpenAI, जो ChatGPT का बॉस है, ने तुरंत स्टेटस पेज पे अपडेट डाला कि “हाँ, कुछ गड़बड़ है। ChatGPT जवाब नहीं दे रहा।” सुबह 9:50 बजे IST तक वो बोले, “हम जांच कर रहे हैं।” दोपहर तक खबर आई कि गड़बड़ का कारण ढूंढ लिया, और ठीक करने में जुट गए। लेकिन पूरी तरह ठीक होने में टाइम लगने वाला था। अब ये कोई पहली बार नहीं था। 2025 में ही जून और जुलाई में भी ChatGPT लटका था। जून में तो 10 घंटे तक लोग इंतजार करते रहे!
सोच, तू अपने प्रोजेक्ट की डेडलाइन पे काम कर रहा है, और ChatGPT बोल दे, “भाई, मैं तो गया!” भारत में 88% लोग इस बात से तंग थे कि जवाब ही नहीं मिल रहा। X पे लोग भड़क रहे थे। एक भाई ने तो ट्वीट किया, “ChatGPT डाउन है, अब अपने दिमाग से काम करना पड़ेगा!” 😅 दूसरों ने बताया कि उनके बिजनेस प्रोजेक्ट्स, मार्केटिंग काम, और स्टूडेंट्स के असाइनमेंट्स अटक गए। कुछ ने तो चैट हिस्ट्री गायब होने की शिकायत की। मतलब, जो जवाब पहले मिले, वो भी उड़नछू!
OpenAI ने क्या किया?
OpenAI वाले चुप नहीं बैठे। उन्होंने तुरंत स्टेटस अपडेट्स देने शुरू किए। बोले, “हमारे API और इमेज जनरेशन तो ठीक हैं, बस चैट रिस्पॉन्स में पंगा है।” यूजर्स को बोला गया कि ब्राउजर रिफ्रेश करें या मॉडल स्विच करें। कुछ को इससे फायदा हुआ, लेकिन ज्यादातर लोग अभी भी परेशान। OpenAI ने वादा किया कि वो जल्दी RCA (रूट कॉज एनालिसिस) शेयर करेंगे, यानी पूरा पोस्टमॉर्टम बताएंगे कि गड़बड़ हुई क्यों।
गड़बड़ का कारण क्या?
अब ये तो OpenAI ने साफ नहीं बताया, लेकिन टेक वाले अनुमान लगा रहे हैं। कुछ का कहना है कि सर्वर में ओवरलोड हुआ, या फिर नया gpt-realtime मॉडल और रियलटाइम API अपडेट्स ने गड़बड़ की। X पे कुछ स्मार्ट लोग बोले, “ये नया मॉडल लोड नहीं झेल पाया!” पहले की रुकावटों में ‘अपस्ट्रीम प्रोवाइडर’ का बहाना बनाया गया था, लेकिन इस बार कोई पक्की बात नहीं।
जब ChatGPT ने धोखा दिया, तो लोग भागे Google Gemini, Microsoft Copilot, और Perplexity AI की शरण में। इन टूल्स ने मौके का फायदा उठाया और अपनी स्थिरता का ढोल पीटा। लेकिन भाई, ChatGPT के 250 मिलियन साप्ताहिक यूजर्स हैं। इतना बड़ा फैन बेस किसी और के पास नहीं!
आगे क्या होगा?
OpenAI को अब अपने सिस्टम को और मजबूत करना होगा। हाल ही में उन्होंने टीनएजर्स के लिए पेरेंटल कंट्रोल्स लाने की बात कही थी, जो सेफ्टी बढ़ाएंगे। लेकिन बार-बार की रुकावटें उनके लिए सिरदर्द बन सकती हैं। मेरा मानना है कि AI टूल्स अब हमारी जिंदगी का हिस्सा हैं, तो इनका डाउनटाइम कम करना जरूरी है।
अंत में
ये रुकावट बताती है कि चाहे कितना भी हाई-टेक AI हो, गड़बड़ तो होगी ही। OpenAI की तारीफ करनी पड़ेगी कि वो तुरंत अपडेट्स देते रहे। तूने ChatGPT यूज किया है तो बता, इस बार तुझे कितना नुकसान हुआ? कोई और AI टूल आजमाया? कमेंट में अपनी कहानी सुनाओ, और इस ब्लॉग को अपने यार-दोस्तों के साथ शेयर कर।